बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक में 59,901 लाभुकों का कंप्यूटराइज्ड रैंडमाइजेशन से चयन

बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक में 59,901 लाभुकों का कंप्यूटराइज्ड रैंडमाइजेशन से चयन
Patna :  बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा आज  07 मार्च 2025 विकास भवन सभागार  में  राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक  आयोजित की गई, जिसमें  बिहार लघु उद्यमी योजना  के तहत  59,901 लाभुकों का कंप्यूटराइज्ड रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से निष्पक्ष चयन किया गया। बैठक में  उद्योग मंत्री श्री नीतीश मिश्रा, सचिव उद्योग विभाग श्रीमती बंदना प्रेयषी, तकनीकी विकास निदेशक श्री शेखर आनंद, एवं  अनुश्रवण समिति के अन्य सदस्य  उपस्थित रहे।

बिहार लघु उद्यमी योजना का उद्देश्य 

आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों एवं नए उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। 19 फरवरी से 5 मार्च 2025 तक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान  2,32,900 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से  59,901 लाभुकों का निष्पक्ष कंप्यूटराइज्ड रैंडमाइजेशन द्वारा चयन किया गया। साथ ही, 20% अतिरिक्त आवेदकों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।

प्राप्त आवेदनों की कोटिवार संख्या
– अत्यंत पिछड़ा वर्ग: 98,746
– सामान्य वर्ग: 20,086
– पिछड़ा वर्ग: 58,883
– अनुसूचित जाति: 52,224
– अनुसूचित जनजाति: 2,961

औपबंधिक रूप से चयनित आवेदनों की कोटिवार संख्या

अत्यंत पिछड़ा वर्ग: 20,761
– सामान्य वर्ग: 7205
– पिछड़ा वर्ग: 15755
– अनुसूचित जाति: 14838
– अनुसूचित जनजाति: 1342

दस्तावेज़ सत्यापन एवं प्रशिक्षण

चयनित लाभुकों के दस्तावेज़ों की जांच जिला उद्योग केंद्रों में की जाएगी। सफल आवेदकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसके बाद प्रथम किस्त (₹50,000) की स्वीकृति उद्यमी पोर्टल पर जारी की जाएगी।

इस अवसर पर माननीय उद्योग मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने कहा, “बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत आज निष्पक्ष और पारदर्शी कंप्यूटराइज्ड रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से 59,901 नए लाभुकों का चयन किया गया है। यह योजना राज्य में छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने और बेरोजगारी को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह योजना ऋण-मुक्त है। इसके तहत लाभुकों को पूरी तरह से अनुदान के रूप में ₹2 लाख की वित्तीय सहायता दी जाती है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योग्य आवेदकों को बिना किसी भेदभाव के वित्तीय सहायता मिले और वे आत्मनिर्भर बन सकें। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक संकल्प है।”

श्रीमती बंदना प्रेयषी ने कहा, “इस योजना के माध्यम से हम बिहार के उद्यमियों को सशक्त बना रहे हैं। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि इतनी बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं इस योजना के तहत अपने व्यावसायिक सपनों को साकार कर रहे हैं। हमने इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाया है, जिससे सभी आवेदकों को समान अवसर मिल सके।”

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘सपनों को मिल रही नई पहचान’ पुस्तिका का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उद्योग विभाग द्वारा तैयार की गई पुस्तिका “सपनों को मिल रही नई पहचान” का विमोचन किया गया। इस पुस्तिका में बिहार की विभिन्न महिला उद्यमियों की सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ  संकलित की गई हैं।

इस अवसर पर श्रीमती बंदना प्रेयषी  ने कहा, “बिहार की महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। यह पुस्तिका उन महिला उद्यमियों की कहानियों को सामने लाने का प्रयास है, जिन्होंने अपने कठिन परिश्रम से खुद को स्थापित किया है। हमारा प्रयास है कि इस योजना के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित किया जाए।”

 

 

 

Hamara-Bihar

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