PMCH के पूर्व प्रिंसिपल के साथ प्रतिनियुक्त सरकारी अंगरक्षक ने उस दिन की घटना के बारे में जानकारी दी – उस दिन निजी क्लीनिक में ११ बजे से मरीज देख रहे थे डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह
सरकारी अंगरक्षक श्री संजीत कुमार (सिपाही नंबर- 2317) ने बताया कि वह डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के साथ प्राचार्य पीएमसीएच के सरकारी अंगरक्षक के रूप में तैनात किए गए है। मंगलवार, 23 जून को हुई घटना की पूरी जानकारी देते हुए उन्होंने कहा:
ड्यूटी का समय: वह रोजाना की तरह उस दिन भी सुबह 9:30 बजे डॉक्टर साहब के आवास सह क्लीनिक पर ड्यूटी के लिए पहुंच गया था।
प्रिंसिपल साहब की मौजूदगी: डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह सुबह 11:00 बजे अपने घर के ऊपरी हिस्से से नीचे क्लीनिक में आए।
मरीजों की जांच: क्लीनिक में आने के बाद डॉक्टर साहब ने शाम 6:00 बजे तक लगातार मरीजों को देखा। उस दिन करीब 15 से 20 मरीज इलाज के लिए आए थे।
कहीं बाहर नहीं गए: सुरक्षा गार्ड ने स्पष्ट किया कि सुबह 9:30 बजे से लेकर शाम 6:30 बजे (जब गार्ड अनुमति लेकर वहां से निकला) तक डॉक्टर साहब अपने क्लीनिक में ही मौजूद थे और पूरे समय वहीं बैठकर काम कर रहे थे, वे कहीं भी बाहर नहीं गए थे।
उल्लेखनीय है कि डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह के मामले में उनके द्वारा मीडिया में दिए गए बयान के बाद स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मामले की उच्च स्तरीय जांच करने का निर्णय लिया गया है। परंतु, सरकारी अंगरक्षक के बयान से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अब तक जिस आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही थी वह सत्य साबित होता है। अब पूरे मामले में जाँच कर आरोपी डॉक्टर से उनका पक्ष लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी

