‘भारत के सुपर फाउंडर्स’ में फीचर हुआ बिहार का स्टार्टअप ‘डिजिटल लेबर चौक’, ₹1.65 करोड़ की फंडिंग प्राप्त

‘भारत के सुपर फाउंडर्स’ में फीचर हुआ बिहार का स्टार्टअप ‘डिजिटल लेबर चौक’, ₹1.65 करोड़ की फंडिंग प्राप्त
बिहार के स्टार्टअप डिजिटल लेबर चौक (Digital Labour Chowk – DLC) को राष्ट्रीय उद्यमिता आधारित टेलीविजन कार्यक्रम ‘भारत के सुपर फाउंडर्स’ में फीचर किया गया, जिसका प्रसारण Amazon MX Player पर किया जा रहा है। यह पहचान दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाने तथा विशेष रूप से निर्माण क्षेत्र में भारत की असंगठित श्रम व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे नवाचारी प्रयासों के लिए मिली है।कार्यक्रम के दौरान डिजिटल लेबर चौक को कुल ₹1.65 करोड़ की फंडिंग प्रतिबद्धता प्राप्त हुई, जिसमें ₹65 लाख की इक्विटी तथा ₹1 करोड़ का अनुदान शामिल है। यह निवेश असंगठित श्रम बाजार को औपचारिक स्वरूप देने और दैनिक श्रमिकों के लिए सम्मानजनक आजीविका सुनिश्चित करने के मंच के मिशन पर मजबूत विश्वास को दर्शाता है। इस फंडिंग को शो के टायकून्स का समर्थन प्राप्त हुआ, जिसमें थायरोकेयर के संस्थापक डॉ. वेलुमणि द्वारा दिया गया ₹1 करोड़ का अनुदान भी शामिल है, जो स्टार्टअप के व्यापक और विस्तार योग्य सामाजिक प्रभाव को मान्यता देता है।

डिजिटल लेबर चौक की विकास यात्रा में बिहार सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य के प्रगतिशील स्टार्टअप इकोसिस्टम के अंतर्गत बिहार सरकार की स्टार्टअप पहलों के तहत इस उद्यम को सीड फंडिंग एवं मैचिंग लोन सहायता प्रदान की गई, जिसने प्रारंभिक स्तर पर स्टार्टअप के सत्यापन और संचालन विस्तार में अहम योगदान दिया। इसके साथ ही, उद्योग विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई इनक्यूबेशन सुविधाएँ, संरचित मेंटरशिप और रणनीतिक नेटवर्क ने कंपनी के व्यवसाय मॉडल और कार्यान्वयन क्षमता को सुदृढ़ किया।

डिजिटल लेबर चौक एक तकनीक-आधारित रोजगार मंच है, जो दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों को नजदीकी रोजगार अवसर खोजने, सत्यापित डिजिटल प्रोफाइल बनाने तथा पारदर्शी और निष्पक्ष रोजगार तक पहुँच प्रदान करता है। डिजिटल उपकरणों के माध्यम से यह मंच उस वर्ग में संरचना, कार्यकुशलता और गरिमा स्थापित करता है, जो परंपरागत रूप से औपचारिक रोजगार व्यवस्था से बाहर रहा है।
इस स्टार्टअप की स्थापना श्री चंद्रशेखर मंडल, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, द्वारा की गई है, जो बिहार के दरभंगा जिले के एक छोटे गांव से हैं। अपने जमीनी अनुभवों से प्रेरित होकर उन्होंने ऐसा मंच विकसित करने की परिकल्पना की, जो देशभर के दैनिक श्रमिकों के लिए “रोजगार के साथ सम्मान” सुनिश्चित कर सके।
डिजिटल लेबर चौक की अवधारणा कोविड-19 महामारी के दौरान विकसित हुई, जब देशभर में बड़ी संख्या में दैनिक श्रमिकों की नौकरी और आय के स्रोत समाप्त हो गए थे। इस संकट को निकट से देखते हुए संस्थापक ने श्रमिकों को ठेकेदारों और नियोक्ताओं से सीधे जोड़ने के लिए एक डिजिटल समाधान की शुरुआत की। स्थापना के बाद से अब तक यह मंच दो लाख से अधिक दैनिक श्रमिकों, हजारों ठेकेदारों और कई बड़े प्रोजेक्ट्स को देश के विभिन्न राज्यों में जोड़ चुका है। स्टार्टअप को अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं और इससे पहले यह अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से फंडिंग भी जुटा चुका है।

Hamara-Bihar

Related articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *