ऑन-स्क्रीन मार्किंग पर शिक्षा विभाग ने दूर किया भ्रम, नंबर बढ़ने पर वापस होगी फीस; जानें पूरी प्रक्रिया

ऑन-स्क्रीन मार्किंग पर शिक्षा विभाग ने दूर किया भ्रम, नंबर बढ़ने पर वापस होगी फीस; जानें पूरी प्रक्रिया

पटना। CBSE की कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अपनाई गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों पर शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा विभाग के सचिव संजय कुमार ने इस नई मूल्यांकन प्रक्रिया, इसकी सुरक्षा व्यवस्था और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच से जुड़ी फीस के बारे में जानकारी दी।

पास प्रतिशत में गिरावट को लेकर उठे सवाल

संजय कुमार ने बताया कि इस वर्ष CBSE ने कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली का इस्तेमाल किया। इसके बाद कुछ छात्रों ने मूल्यांकन और प्राप्त अंकों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पास प्रतिशत पिछले साल के 88 प्रतिशत से घटकर 85 प्रतिशत रह गया है। हालांकि, ऑन-स्क्रीन मार्किंग को पूरी तरह नई व्यवस्था मानना सही नहीं है।

क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग की प्रक्रिया?

शिक्षा विभाग के सचिव के मुताबिक, इस बार उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर उनकी डिजिटल PDF प्रतियां तैयार की गईं। इन प्रतियों की सुरक्षा के लिए तीन स्तरों वाली व्यवस्था अपनाई गई, ताकि उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित तरीके से संबंधित केंद्रों तक भेजा जा सके।

उन्होंने बताया कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के कारण क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर भी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कराना संभव हो जाता है। इसके साथ ही अंकों की कुल गणना यानी टोटलिंग में होने वाली गलतियों को कम करने में भी मदद मिलती है।

उत्तर पुस्तिका की जांच के लिए कितनी देनी होगी फीस?

सचिव संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि उत्तर पुस्तिका देखने और अंकों के सत्यापन की प्रक्रिया के लिए 700 रुपये शुल्क लिए जाने की बात सही नहीं है। उन्होंने बताया कि CBSE की ओर से निर्धारित शुल्क के अनुसार, उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त करने या सत्यापन कराने के लिए 100 रुपये तथा उत्तरों की जांच के लिए 25 रुपये शुल्क लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छात्रों के आवेदन मिलने पर उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाएगी और अंकों की शुद्धता सुनिश्चित करने का प्रयास होगा।

नंबर बढ़ने पर वापस मिलेंगे पैसे

शिक्षा विभाग के सचिव ने बताया कि यदि दोबारा जांच के बाद छात्र के अंक बढ़ते हैं, तो संबंधित शुल्क वापस कर दिया जाएगा। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया की शुरुआत 19 तारीख से की जाएगी।

विभाग ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि मूल्यांकन से जुड़ी शिकायतों की जांच गंभीरता से की जाएगी और उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों की सटीकता सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

Hamara-Bihar

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