जगनपुरा, पटना में हुआ किड्जी प्री-स्कूल का शुभारंभ, जादूगरों ने अपनी कला दिखा बांधा शमा
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बच्चों सर्वांगीण विकास करना हमारी प्राथमिकता : मुख्य अतिथि
पटना, 03 नवंबर 2024 : आज दिनांक 03 नवंबर 2024 को किड्जी, जगनपुरा (राम कृष्णा नगर) पटना में किड्जी प्री-स्कूल का विशेष अतिथि डॉ. नागेन्द्र मोहन सिन्हा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया गया। इस स्कूल से जुड़कर सभी बचपन की शिक्षा में एक नया अध्याय शुरू करेंगे।
इस दौरान विशेष अतिथि डॉ. नागेन्द्र मोहन सिन्हा ने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि आज जगनपुरा में इस स्कूल का शुभारंभ हो रहा है। यहां आपके बच्चों को ना केवल मिलेगी शिक्षा अपितु उन्हें कई सारी अन्य सुविधाएं मिलेगी। जिस प्रकार किसी भी मकान की मजबूती नींव पर ही निर्भर करती है ठीक उसी प्रकार अगर बचपन में ही बच्चों को डायनेमिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए तो उनका सर्वांगीण विकास होगा।
किडजी स्कूल की खासियत है कि यहां पढ़ाई के साथ साथ निजी जीवन से संबंधित कई तरह की गतिविधियों से बच्चों को अवगत कराया जाता है। छोटे बच्चे उस चिकने घड़े की तरह होते हैं जिन्हें कोई भी बात सही से सिखा दी जाए तो वो हमेशा याद रखते हैं। 6 से 7 सात साल की उम्र तक लगभग 80 से 90 प्रतिशत उनके दिमाग का विकास हो जाता है इसलिए प्रारंभिक स्कूल की जिम्मेदारी अहम हो जाती है। जिस तरह से मां उनकी सेवा करती है ठीक उसी प्रकार यहां के शिक्षक भी खेल कूद की गतिविधियों के साथ शिक्षा प्रदान करवाते हैं।
उक्त अवसर पर स्कूल के निदेशक डॉ. राम नरेश प्रसाद ने कहा कि हमारे लिए ये गर्व की बात है कि हम आज जी परिवार का हिस्सा बनकर किडजी से जुड़ रहे हैं। मेरे मन में बहुत पहले से इच्छा थी कि मेरे भी मुहल्ले में छोटे बच्चों के लिए एक वैसा स्कूल हो जहां उनका सर्वांगीण विकास कराया जाए। पहले बच्चों को पढ़ने के लिए बहुत दूर जाना पड़ता था लेकिन इसके खुल जाने से वो दूरी सिमट जाएगी।
इस स्कूल में मातृत्व जैसे प्यार के साथ पढ़ाई कराई जाएगी। पढ़ाई उनके लिए बोझिल ना हो इसके यहां खेल कूद की भी व्यवस्था कराई गई है। पढ़ाई में किसी प्रकार का समझौता न करते हुए हमने दक्ष शिक्षकों को रखा है जिनके जरिए उन्हें घर का भी माहौल मिलेगा। साथ ही गरीब बच्चों के लिए जितना हो सकेगा स्कूल प्रबंधन उतना मदद करेगा। हमने जो रह चुनी है उसमें हमारे मुहल्ले के लोगों का सहयोग नितांत आवश्यक है। इस अवसर पर जादूगरों द्वारा जादू दिखाया गया और गीत संगीत के कार्यक्रमों से गायकों ने उपस्थित लोगों के बीच समा बांधा।

