देश में पहली बार पेडियाट्रिक हिप कॉन्क्लेव का पटना में आयोजन, दिग्गज डॉक्टरों का होगा जुटान

देश में पहली बार पेडियाट्रिक हिप कॉन्क्लेव का पटना में आयोजन, दिग्गज डॉक्टरों का होगा जुटान
पटना : बच्चे जिस समय बोलते नहीं हैं, अपनी परेशानी बताने की उम्र उनकी नहीं होती है, उस समय बच्चे की तेल मालिश करते समय उनकी मां, दादी या नानी अगर गौर करें कि बच्चा हाथ पैर छूने पर दर्द महसूस करता है या दूध नहीं पी रहा है, उसे बुखार है तो देर न करें उसे सामान्य चिकित्सक के पास नहीं ले जायें, बल्कि पेडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स के विशेषज्ञ चिकित्सक से दिखायें, इससे आपके बच्चे सेरेब्रल पाल्सी, आजीवन दिव्यांगता से बच सकते हैं। बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ. भरत सिंह ने कहा कि बच्चे का कुल्हा छटका रहता है, हिप इंफेक्शन हो या डिलीवरी के समय हड्डी टूट गयी है, अक्सर जन्म के बाद लोगों में इसके प्रति जागरुकता नहीं है। समय पर ध्यान दें तो समस्या विकराल नहीं होगी।
आज यह बातें कंकडबाग डाक्टर्स कालोनी स्थित मेडिवर्सल हास्पिटल में पेडियाट्रिक आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डा सौरभ चैधरी ने मेडिवर्सल इंस्टीटयूट आफ आर्थोपेडिक साइंस व बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होनेवाले पेडियाट्रिक हिप कान्क्लेव के संवाददाता सम्मेलन में कही। बिहार में पहली बार बच्चों की बीमारियों पर केन्द्रित यह कान्क्लेव 22 जनवरी को पटना के होटल मौर्या में आयोजित किया जायेगा।
नी रिप्लेसमेंट सर्जन व आर्थोपेडिक विभाग के निदेशक डॉ. निशिकांत ने बताया कि बच्चों की हडिडयों की बीमारी को भी विशेषज्ञ चिकित्सा विज्ञान के तौर पर देखने का समय आ गया है। यह क्षेत्र बिल्कुल नजरअंदाज किया हुआ था, पर इस विषय पर ध्यान देकर हम अपने प्रदेश की बडी आबादी को दिव्यांगता से बचाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में रख सकते हैं।
बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसियेशन के सचिव डा महेश प्रसाद ने कहा कि बच्चा जब चलने लगता है, तब पता चलता है कि उसका पैर टेढा है या वह भटक कर चल रहा है, हमारे प्रदेश में लोग देर से डाक्टर के पास पहुंचते हैं।
डॉ. अमूल्य सिंह ने कहा कि पटना में ऐसे कान्क्लेव की बडी महत्ता है, जिसमें देशभर के विशेषज्ञ शामिल होने व अपनी जानकारी साझा करने, यहां के युवा चिकित्सकों को प्रशिक्षण देने पहली बार पटना में जुटेंगे। इस मौके पर मेडिवर्सल के निदेशक नवनीतरंजन, भानुप्रताप सिंह व जयंत गांधी, डा गुरुदेव डॉ निशिकांत भी उपस्थित रहे।

Hamara-Bihar

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