मुज़फ़्फ़रपुर में आलू के नीचे छिपा था नया साल का ‘खास तोहफा’.

मुज़फ़्फ़रपुर में आलू के नीचे छिपा था नया साल का ‘खास तोहफा’.

Muzaffarpur : बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में पुलिस ने आलू की आड़ में छिपाकर लाई जा रही भारी मात्रा में शराब पकड़ी है। यह घटना दीघरा रेलवे गुमटी के पास हुई। एक ट्रक में आलू के नीचे 387 कार्टन अवैध शराब छिपाई गई थी। पटना उत्पाद विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि नए साल पर बेचने के लिए पंजाब से शराब बिहार लाई जा रही है। टीम ने मुज़फ़्फ़रपुर पुलिस के साथ मिलकर ट्रक पकड़ा। ट्रक ड्राइवर और अन्य लोग भाग गए। लगभग 3412 लीटर शराब ज़ब्त की गई। पुलिस ट्रक मालिक की तलाश कर रही है।पटना उत्पाद विभाग की टीम ने मुज़फ़्फ़रपुर के सदर थाना क्षेत्र में दीघरा रेलवे गुमटी के पास नाकाबंदी की। यहां एक ट्रक को रोका गया जो आलू से भरा हुआ था। लेकिन पुलिस को शक हुआ और उन्होंने ट्रक की अच्छे से तलाशी ली। तलाशी में पता चला कि आलू के बोरों के नीचे 387 कार्टन शराब छिपाई गई थी। यह शराब पंजाब में बनी विदेशी शराब थी। इसकी कुल मात्रा लगभग 3412 लीटर थी। पुलिस को देखकर ट्रक का ड्राइवर और खलासी मौके से भाग निकले। शराब माफिया भी भागने में कामयाब रहे।

8 साल से शराबबंदी

बिहार में 8 साल से शराबबंदी है, फिर भी शराब तस्कर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। यह घटना बताती है कि शराब माफिया कितने शातिर हैं। वो वर्ष 2024 की विदाई और 2025 के स्वागत के मौके पर मुनाफा कमाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सके।
बिहार राज्य में साल 2016 में शराबबंदी लागू की गई थी. बीबीसी के पास मौजूद 21.11.2022 तक के आंकड़ों के मुताबिक़, बिहार में अब तक शराबबंदी क़ानून तोड़ने के मामले में कुल पांच लाख से ज़्यादा 5,05,951 केस दर्ज हो चुके हैं. बीते छह साल में क़रीब ढाई करोड़ लीटर (24226060) अवैध शराब ज़ब्त की गई है

 

 

Hamara-Bihar

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