Oxfam India Report : भारत में बढ़ी असमानता की खाई, अमीर से जयादा गरीब दे रहे टैक्स

Oxfam India Report : भारत में बढ़ी असमानता की खाई, अमीर से जयादा गरीब दे रहे टैक्स

Oxfam India Report में भारत के विकास की खुली पोल : 21 अरबपतियों के पास 70 करोड़ लोगों से ज्यादा की संपत्ति, अमीरों से ज्यादा टैक्स भर रहे ये लोग

Oxfam India Report: देश की जनसंख्या के साथ ही अमीरों की तादात में भी इजाफा हुआ है। भारत में कुल 166 अरबपति हैं, जिनके पास बेसुमार दौलत है। Oxfam India की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि भारत के 1 प्रतिशत अमीरों के पास 40 फीसदी की आबादी से ज्यादा की संपत्ति है। इस रिपोर्ट में एक और चौकाने वाली बात सामने आई है कि देश के टॉप अरबपतियों ने कोविड-19 के बाद हर रोज 3000 करोड़ रुपये की से ज्यादा की दौलत कमाई है।

21 अरबपतियों की दौलत में बेसुमार बढ़ोतरी
कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया में मंदी की आंशका रही है। इस बीच Oxfam India की रिपोर्ट बताती है कि इस महामारी के बाद भी नवंबर 2022 तक इन अरबपतियों की संपत्ति में 121 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इन 21 अरबपतियों ने हर दिन 3600 करोड़ रुपये अपनी संपत्ति में जोंड़े हैं।

इनके पास 70 करोड़ लोगों से ज्यादा की संपत्ति
रिपोर्ट के खास आंकड़े पर नजर डालें तो यह बताती है​ कि देश के सिर्फ 1 प्रतिशत ऐसे अमीर हैं, जिनके पास इतनी दौलत है, जितनी की 70 करोड़ आबादी के पास भी नहीं। इस सरल भाषा में कहें तो देश के 21 अरबपतियों के पास 70 करोड़ लोगों से ज्यादा की संपत्ति है।

मिडिल क्लास पर ज्यादा टैक्स
आक्सफैम इंडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ 3 फीसदी दौलत देश के 50 फीसदी आबादी के पास है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार मिडिल क्लास और गरीबों पर अमीरों की तुलना में ज्यादा टैक्स लगा रही है। वहीं जीएसटी देने वालों की संख्या 64 प्रतिशत हुई है। ये रकम 14।83 लाख करोड़ रुपये है। इसमें 10 फीसदी लोगों में से सिर्फ 3 फीसदी अमीरों हैं।

देश का खर्च उठा सकते हैं अमीर
देश के अमीरों के पास दौलत तो बढ़ी ही है। साथ ही इनकी संख्या में भी इजाफा हुआ है। 2020 के दौरान इन अमीरों की संख्या 102 फीसदी थी, जो 2022 में कुल 166 हो गई। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि देश के 100 अरबपति ऐसे हैं, जो 18 महीने तक देश का खर्च उठा सकते हैं। इन 100 अमीरों की कुल नेटवर्थ 660 अरब डॉलर है।

न्यूज एजेसी PTI के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल एक अरबपति गौतम अडानी पर साल 2017 से 2021 के बीच के लाभ पर टैक्स लगाकर 1।79 लाख करोड़ रुपए जुटाया जा सकता है। जो एक वर्ष के लिए 50 लाख से अधिक भारतीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को रोजगार देने के लिए पर्याप्त है। ‘सर्वाइवल ऑफ द रिचेस्ट’ टाइटल वाली रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अगर भारत के अरबपतियों पर उनकी पूरी संपत्ति पर 2 प्रतिशत की दर से एक बार टैक्स लगाया जाता है, तो यह देश में अगले तीन वर्षों के लिए कुपोषण से पीड़ित बच्चों के पोषण के लिए 40,423 करोड़ रुपए जुटाया जा सकता है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि देश के 10 सबसे अमीर अरबपतियों पर 5 प्रतिशत का एक बार का टैक्स साल 2022-23 के लिए (1।37 लाख करोड़ रुपए) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (86,200 करोड़ रुपए) और आयुष मंत्रालय (3,050 करोड़ रुपये) द्वारा अनुमानित फंड से 1।5 गुना अधिक है। वहीं ऑक्सफैम ने कहा कि भारत में अरबपतियों की कुल संख्या 2020 में 102 से बढ़कर 2022 में 166 हो गई।

कमाई के मामले में लैंगिक असमानता पर रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला वर्कर को एक पुरुष वर्कर द्वारा कमाए गए प्रत्येक 1 रुपए की तुलना में केवल 63 पैसे मिलते हैं। अनुसूचित जातियों और ग्रामीण वर्करों के लिए यह अंतर और भी अधिक है। ऑक्सफैम ने कहा कि रिपोर्ट भारत में असमानता के प्रभाव का पता लगाने के लिए गुणात्मक (qualitative) और मात्रात्मक (quantitative) जानकारी का मिश्रण है। ऑक्सफैम ने यह भी कहा है कि जब से कोरोना महामारी शुरू हुई, तब से नवंबर 2022 तक भारत में अरबपतियों की संपत्ति में वास्तविक रूप से 121 प्रतिशत या 3,608 करोड़ रुपए प्रति दिन की वृद्धि हुई है।

Hamara-Bihar

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