दिल्ली में बड़ी बैठक, मुश्किलों से घिरी महागठबंधन अब क्या करेंगे तेजस्वी यादव
वहीं, सूत्रों की मानें तो राजद के तरफ से इस बार के विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारा को लेकर जो फार्मूला राजद के तरफ से तय किया गया है। उसके तहत राजद 28, कांग्रेस को 9, भाकपा माले को 2 और भाकपा को एक सीट मिलने की उम्मीद है।
माकपा को बिहार में जनाधार के अभाव में एक भी सीट देने पर विचार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, माकपा ने भी अपनी दावेदारी पेश की है।वहीं,भाकपा माले ने 8 सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। इस बात का भाकपा माले ने ऐलान भी कर दिया है। माले के इस कदम से महागठबंधन को बड़ा झटका लग सकता है। माले के पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा ने मीडिया को बताया कि भाकपा माले ने 8 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा है। जिसमें नालंदा, जहानाबाद, आरा, काराकाट, सिवान, पाटलिपुत्र, कटिहार और वाल्मिकीनगर शामिल है।
जानकारी हो कि, कांग्रेस के खाते में भागलपुर, पटना साहिब, औरंगाबाद, सासाराम, नरकटियागंज, कटिहार, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली सीटें दिए जाने की संभावना है। जबकि पूर्णिया सीट को कांग्रेस कोटा में शामिल करते हुए महागठबंधन की ओर से राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के लिए छोड़ा जा सकता है। कांग्रेस ने मधुबनी, मोतिहारी, पश्चिमी चंपारण व समस्तीपुर सीटों के लिए भी अपनी दावेदारी पेश की है।

