चंडीगढ़ पुलिस गुमशुदा बच्चों को ढूंढ पाने में नाकाम, 3 सालों में 43 बच्चों को नहीं कर पाई ट्रेस

चंडीगढ़ पुलिस गुमशुदा बच्चों को ढूंढ पाने में नाकाम, 3 सालों में 43 बच्चों को नहीं कर पाई ट्रेस

चंडीगढ़ में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसमें पुलिस की नाकामयाबी देखने को मिल रही है। श्रद्धा हत्याकांड की दहशत अभी कम भी हुई नहीं थी कि चंडीगढ़ में बच्चों की किडनैपिंग से लोगों में हड़कंप मच गया है। चंडीगढ़ पुलिस शहर अपराध को नहीं कर पा रही है । गुमशुदा बच्चों को ढूंढ पाने में भी नाकाम साबित हो रही है। शहर में अपराध का हर दिन घिनौना सच की खबरे सामने आती रहती है। सिंतबर के समय में गर्ल्स हॉस्टल में एक वीडियो लीक होने की खबरे सामने आई थी और अब बच्चों की किडनैपिंग आखिरकार प्रशासन की नाकामी की खबरें कब तक सुनने को मिलेगी।

3 सालों में लापता 43 बच्चों को अभी तक नहीं कर पाया ट्रेस

सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ में पिछले 3 सालों से लापता 43 बच्चों को अभी तक ट्रेस नहीं किया जा सका है। वही बात करे वर्ष 2020 में 122 बच्चे लापता हुए थे। इनमें से 112 ढूंढ लिए गए थे। वर्ष 2021 में 157 बच्चे लापता हुए जिनमें से 151 का पता लग गया था। इस वर्ष अभी तक 116 बच्चे चंडीगढ़ से लापता हो चुके हैं। जिनमें से सिर्फ 89 ही ढूंढे जा सके हैं।

लापता बच्चों को ढूंढने के लिए चलाया गया ऑपरेशन मुस्कान

हाल ही में एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में प्रशासक बीएल पुरोहित ने भी इस मुद्दे पर गंभीरता जताते हुए पुलिस और सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट को उचित कदम उठाने को कहा था। वहीं पुलिस की एक डेडिकेटिड यूनिट ऐसे बच्चों की तलाश में कार्रवाई कर रही है। पुलिस द्वारा लापता बच्चों को ढूंढने के लिए ऑपरेशन मुस्कान भी चलाया हुआ है।
चंडीगढ़ प्रशासन की सोशल वेलफेयर कमेटी की सब-कमेटी के चेयरमैन और एडिशनल सालिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्य पाल जैन (पूर्व सांसद) ने इस पर चिंता जाहिर की है।

96 बच्चे भीख मांगते हुए पाए गए 

उनका कहना है बच्चों के लापता होने के पीछे किसी गैंग के होने की आशंका है। उन्होंने कहा है कि इस गंभीर मुद्दे पर चंडीगढ़ प्रशासन को एक रिपोर्ट पेश करनी चाहिए।
जनवरी, 2021 से जून, 2022 तक शहर में कुल 96 बच्चे भीख मांगते हुए पाए गए थे। इनमें 46 लड़के और 50 लड़कियां थी। इन्हें बचाया गया था। इन बच्चों को चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट में भेजा गया था। चंडीगढ़ प्रशासन की चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी ऐसे बच्चों का रेस्क्यू कर रही है।

Hamara-Bihar

Related articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *