बिहार में डेंगू के प्रकोप से 5 विभाग मिलकर करेंगे मुकाबला

बिहार में डेंगू के प्रकोप से 5 विभाग मिलकर करेंगे मुकाबला

बिहार में डेंगू के प्रकोप से पांच विभाग मिलकर मुकाबला करेंगे। राज्य सरकार ने डेंगू प्रभावित इलाकों में टेमीफोस लार्वानाशक दवा के छिड़काव की कार्रवाई तेज करने, जल-जमाव को दूर करने को लेकर प्रभावी रणनीति बनाने का निर्देश दिया है। इसके लिए स्वास्थ्य, नगर विकास, कृषि, भवन निर्माण एवं वन एवं पर्यावरण विभागों को मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया है।

उप मुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने डेंगू के बढ़ते मामलों और उसकी रोकथाम को लेकर किए जा रहे उपायों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं नगर विकास विभाग के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक में डेंगू प्रभावित इलाकों में डेंगूरोधी दवा के छिड़काव व बचाव को लेकर विभिन्न विभागों को मिलकर कार्य करने का निर्देश दिया   गुरुवार को विभागीय कार्यालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में तेजस्वी यादव ने कहा कि दवा के छिड़काव को लेकर मानव संसाधन व मशीन की उपलब्धता बढ़ाएं।

डेंगू की रोकथाम के लिए वन एवं पर्यावरण, कृषि, भवन निर्माण विभाग व अन्य विभागों की सहायता ली जा सकती है। सरकारी कार्यालयों के आसपास जलजमाव को भवन निर्माण दूर करे। वहीं, पार्क के गडढ़ों से जलनिकासी में वन विभाग सहयोग करे।

राजधानी में बढ़ते डेंगू के प्रकोप को देखते हुए इलाज की व्यवस्था का जायजा लेने गुरुवार रात उप मुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव एनएमसीएच पहुंचे।

उपमुख्यमंत्री को अस्पताल पहुंचने की भनक लगते ही डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। उपमुख्यमंत्री ने इमरजेंसी समेत डेंगू वार्ड का मुआयना किया और मरीजों से इलाज व्यवस्था तथा सुविधा की जानकारी ली। कुछ मरीजों ने उप मुख्यमंत्री से दवा की कमी की समस्या बताई। कहा कि बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है। इस पर उन्होंने कहा कि यहां दवा की कमी दूर की जाएगी।

इस बार उन्होंने एनएमसीएच प्रबंधन को कई निर्देश दिये डॉक्टरों तथा नर्सों की मरीजों के प्रति व्यवहार को लेकर शिकायत मिलने पर कहा कि मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करें ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। उन्होंने मेडिसीन विभाग में बाथरूम का पाइप व नल खराब होने और अस्पताल के मेन गेट के पास जलजमाव देखकर नाराजगी जतायी।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर कमियों को दूर करने का प्रयास होगा। इससे मरीज अच्छा महसूस करेंगे।

निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, स्वास्थ्य विभाग के कौशल किशोर के अलावा कई अधिकारी मौजूद थे। मौके पर एनएमसीएच के प्राचार्य डॉ. एचएल महतो,अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह, डॉ. एसके आस्तिक मौजूद थे। पूर्व मध्य रेल के सुपर सेंट्रल स्पेशियलिटी अस्पताल में डेंगू के मरीजों से सभी वार्ड के बेड भर गए हैं। राजेंद्र नगर टर्मिनल के क्रू लॉबी में काम करने वाले पांच रेलकर्मी अचानक डेंगू की चपेट में आ गए।

इसी तरह पटना जंक्शन पर काम करने वाले 40 से अधिक रेलकर्मी डेंगू की चपेट में हैं। दानापुर, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर समेत अन्य स्टेशनों और राजेंद्र नगर कोचिंग कॉप्लेक्स समेत अन्य रेल संस्थानों के सैकड़ों रेलकर्मी डेंगू से पीड़ित हैं। पटना में गुरुवार को 166 नए डेंगू पीड़ित मिले।

कुल पीड़ितों की संख्या 2528 हो गई है। गुरुवार को अजीमाबाद में 66, बांकीपुर में 46, कंकड़बाग में 14, पाटलिपुत्रा में 10, एनसीसी में सात और पटना सिटी में नौ लोग पीड़ित मिले।

NMCH में गुरुवार को डेंगू के 125 मरीजों के सैंपल की जांच की गयी। इनमें 52 की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है। वहीं 30 मरीजों का इलाज चल रहा है। कुछ नए इलाकों में भी डेंगू ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि गुरुवार को जहां 16 मरीजों को भर्ती किया गया। नौ मरीजों को डिस्चार्ज किया गया।

 

 

Hamara-Bihar

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