बेहतर और विकसित बिहार के लिए स्वर्णिम मिथिला संस्थान ने की ग्लोबल समिट 2024 की घोषणा
पटना। स्वर्णिम मिथिला संस्थान (एसएमएस) का गठन एक महत्वपूर्ण उद्देश्य के साथ किया गया है, ताकि बिहार और इसके प्रवासी नागरिकों की भलाई के लिए समर्पित कार्य किए जा सके। बिहार, जो सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से समृद्ध राज्य है, आज कई सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस संदर्भ में, एसएमएस का लक्ष्य बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना है। आगामी ग्लोबल समिट 2024 में संगठन के मुख्य उद्देश्यों और उनकी कार्यान्वयन रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।सोमवार को मेडिवर्सल हेल्थ स्टूडियो में स्वर्णिम मिथिला संस्थान (एसएमएस) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. राजकुमार झा और संस्थापक ट्रस्टी कैप्टन प्रकाश कुमार ने आगामी 10 नवंबर को होने वाले ग्लोबल समिट 2024 की घोषणा की।
इस दौरान युवा लोजपा नेता और संस्थापक सदस्य डॉ विभय कुमार झा, प्रसिद्ध गायक और सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सागर, कैप्टन ज्ञानेंद्र सिंह, मर्चेंट नेवी के मुख्य इंजीनियर मनीष कुमार, मैरिन इंजीनियर प्रज्ञानंद कुमार, ब्रिटिश कोलंबिया प्रबंधन के निदेशक मो सरफराज अहमद भी उपस्थित थे।
आयोजकों ने बताया कि इस समिट में
मैरिटाइम सेक्टर के लोग, इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक सहित जो भी देश-विदेश में रहकर बिहार का नाम रोशन कर रहे हैं उन सब को एक मंच पर लाना है. जानकारी के मुताबिक कई अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां भी शामिल होंगी। ग्लोबल समिट 2024 का मुख्य उद्देश्य बिहार के विकास में योगदान देने वाले नायकों को पहचानना और उन्हें प्रोत्साहित करना है।
ट्रस्ट के सेटलर मणिलाल पाठक ने सभी बिहारियों से इस पहल से जुड़ने और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का अनुरोध किया। यह समिट बिहार के भविष्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसमें मरिन ऑफिसर्स, एनआरआई, डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, ऐक्टर्स, सिंगर्स भी मौजूद रहे। इस दौरान एनआरआई एफेयर्स डिपार्टमेंट ने बिहार की चर्चा भी की।
