TET – CTET के प्रदर्शन मामले मे 8 गिरफ्तार 1500 लोगों पर केस दर्ज
सातवें चरण के शिक्षक नियोजन की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर दूसरी बार पटना में लाठी चली है। अजीब बात यह कि जो तेजस्वी यादव शिक्षक नियोजन की मांग करने वाले युवाओं का साथ देने नेता प्रतिपक्ष के रूप में धरना- प्रदर्शन में शामिल होते थे, लेकिन उनके उपमुख्यमंत्री बनने के बाद युवा प्रदर्शन करने पर लाठी खा रहे हैं। तेजस्वी बात करने भी नहीं आ रहे। यह सत्ता का रंग है।
मंगलवार को शिक्षक अभ्यर्थी नौकरी की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करने निकले थे। जिन्हें पुलिस ने डाक बंगला चौराहे पर ही रोक दिया था। जिसके बाद कैंडिडेट्स वहीं सड़क पर धरना देकर बैठ गए थे। उन्हें हटाने की कोशिशें नाकाम हुई तो पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया। अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।
इससे पहले तिरंगा लिए छात्र को पीटा गया था
कई दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर धरना-प्रदर्शन करने के बाद जब इन युवाओं की सरकार ने एक न सुनी तो ये मंगलवार को पहुंच गए डाकबंगला चौराहा पर। पांच-छह घंटों तक चौराहा को जाम रखा। जाम हटाने के लिए पुलिस ने छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज किया। इसमें कई घायल हुए हैं।
बिहार विधान सभा सत्र के पहले दिन अपनी आवाज सदन तक पहुंचाने के लिए युवाओं ने यह प्रदर्शन डाक बंगला चौराहा पर किया। इससे पहले तिरंगा लिए एक छात्र पर चर्चित लाठीचार्ज पटना के डाक बंगला चौराहे पर हुआ था।
शिक्षक संघों ने लाठीचार्ज की तीखी आलोचना की है।
TET शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित विक्रम ने कहा है कि यही शिक्षक अभ्यर्थी जब कुछ एक-दो साल पहले आंदोलन करते थे तो तेजस्वी यादव उनकी बैठकों में, उनके आंदोलन में शामिल होने जाते थे।
उन्होंने तब आश्वासन दिया था कि हम जब सत्ता में आएंगे तो पहली कलम से आप सभी को नौकरी देंगे। लेकिन आज वही तेजस्वी यादव अपने पुलिस प्रशासन से बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज करवा रहे हैं।
उनके चुनावी वादे खोखले साबित हो रहे हैं। तेजस्वी यादव को चाहिए कि पहले की तरह शिक्षक अभ्यर्थियों को बुलाकर बात करते। जिस समय तेजस्वी यादव ज्ञान भवन में नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। उस समय शिक्षक अभ्यर्थी कुछ कदम की दूरी पर डाक बंगला चौराहा पर लाठी खा रहे थे।
TET-STET नियोजित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मार्कण्डेय पाठक कहते हैं कि सरकार ने संवेदनहीनता की हद कर दी है। युवा सातवें चरण का नियोजन शुरू करने की मांग कर रहे हैं और वे शांति पूर्ण तरीके से धरना देते है।
जब सरकार मांग नहीं मानते हैं तो ये डाकबंगला चौराहा पर पहुंचते हैं और पुलिस इन पर लाठी चार्ज कर देती है। नौकरी मांगने पर लाठी मिल रही है। सरकार जनता विरोधी हो गई है।
बीजेपी के राज्य सभा सदस्य विवेक ठाकुर ने ट्वीट कर लिखा है कि ‘ लाठियों द्वारा नियुक्ति पत्र बांटने का संकल्प लिया था उपमुख्यमंत्री जी ने? बिहार में नियुक्ति की मांग करते शिक्षक अभ्यर्थियों पर लीठाचार्ज शर्मनाक है। पहले अनाप-शनाप वादे करो, छल-कपट कर सरकार बनाओ और जब लोग अपना हक मांगें तो उन पर लाठियां बरसाओ। वाह रे गठबंधन सरकार।’
बिहार विधान मंडल के मानसून सत्र की शुरुआत होते ही हंगामा शुरू हो गया है। सदन के अंदर विपक्षी दलों ने हंगामा किया तो सड़क पर शिक्षक अभ्यर्थी उतर आए। पुलिस ने TET पास इन कैंडिडेट्स को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। ये लोग मंगलवार दोपहर को हाथों में गुलाब का फूल लिए विधानसभा का घेराव करने निकले थे।
शिक्षक अभ्यर्थियों द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर प्रदर्शन और हंगामा करने के मामले में कोतवाली थाने में आठ नामजद सहित 15 सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मजिस्ट्रेट हरि वर्मा के बयान पर पुलिस ने केस किया है। थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि अन्य की पहचान की जा रही है। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
